Google ने घोषणा की है कि उसने अपने AI सर्च फीचर AI Mode और AI Overviews को अपडेट किया है, ताकि AI के जवाबों से वेबसाइटों, समाचारों और क्रिएटरों की सामग्री तक पहुंचना आसान हो। जवाबों में लिंक को ऊपर दिखाने की आवृत्ति बढ़ाने के साथ-साथ आधिकारिक पेजों के लिंक और संबंधित लेखों के लिंक दिखाने के तरीके में भी बदलाव किया जाएगा। इनमें से कुछ कदम अभी परीक्षण के चरण में हैं।
ऐसी व्यवस्था, जिसमें जवाब पढ़कर बात खत्म न हो
AI से सवालों के जवाब पाने वाली सर्च सुविधा निस्संदेह उपयोगी है। लेकिन इस सुविधा का एक दुष्प्रभाव भी है। जवाब पढ़कर ही संतुष्ट हो जाना और जानकारी के मूल स्रोत वाली वेबसाइट तक न जाना। वेबसाइट संचालकों और मीडिया की चिंता का यही पहलू है।
इस अपडेट को इस दूरी को पाटने की दिशा में उठाया गया कदम माना जा सकता है। मकसद सिर्फ AI के जवाबों को बेहतर बनाना नहीं, बल्कि उपयोगकर्ताओं को उनसे आगे वेब पर मौजूद जानकारी तक पहुंचाना भी है। इसमें ऐसी सोच झलकती है जो ‘AI से जवाब पाना’ और ‘मूल स्रोत पर जाना’—दोनों को साथ लेकर चलना चाहती है।
ध्यान रहे कि इनमें कुछ बदलाव लागू हो चुके हैं, जबकि कुछ का अभी परीक्षण चल रहा है। आगे हम इस अंतर को ध्यान में रखते हुए इनका ब्यौरा देंगे।
जवाब के ऊपरी हिस्से में लिंक
बताया जा रहा है कि AI के जवाबों में शामिल इनलाइन लिंक पहले ही काफी बढ़ चुके हैं। अब जवाब के ऊपरी हिस्से में लिंक दिखाने की आवृत्ति भी बढ़ाई जाएगी। इससे लंबे जवाब को पूरा पढ़े बिना ही शुरुआती हिस्से में संदर्भ के स्रोत दिखाई दे सकेंगे।
एक और अहम बदलाव आधिकारिक पेजों को दिखाने से जुड़ा है। सरकारी प्रक्रियाओं जैसी कुछ जानकारियों के मामले में उनके आधिकारिक स्रोत एक या दो तक ही सीमित होते हैं। ऐसे मामलों में जवाब के ऊपर एक खास सेक्शन में आधिकारिक पेजों को प्रमुखता से दिखाने और यह बताने की सुविधा का परीक्षण किया जाएगा कि हर लिंक किस तरह उपयोगी है। यह उन उपयोगकर्ताओं के लिए लिंक को प्रमुखता से दिखाने की मौजूदा व्यवस्था का विस्तार है, जो किसी खास साइट पर जाना चाहते हैं।
प्रक्रियाओं से जुड़ी जानकारी के मामले में गैर-आधिकारिक साइटों के सारांश पढ़कर गलतफहमी होने का जोखिम कम नहीं है। अगर आधिकारिक स्रोत का लिंक जवाब के शुरुआती हिस्से में हो, तो उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। यह छोटा-सा बदलाव सर्च अनुभव की गुणवत्ता पर असर डाल सकता है।
समाचारों और संबंधित लेखों तक पहुंच
AI सर्च फीचर में नए लेख दिखाने वाला टॉप स्टोरीज़ कैरोसेल अब अधिक देशों और भाषाओं में उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके दायरे में आने वाली क्वेरी भी बढ़ेंगी।
कैरोसेल में उपयोगकर्ताओं की ओर से चुने गए ‘पसंदीदा स्रोत’ भी प्रमुखता से दिखेंगे। बताया गया है कि साल की शुरुआत से इस सुविधा का इस्तेमाल करने वालों की संख्या सात गुना से अधिक बढ़ी है। इससे पता चलता है कि अपनी पसंद के मीडिया स्रोत चुनने का चलन धीरे-धीरे बढ़ रहा है।
AI के कुछ जवाबों के अंत में दिखने वाले संबंधित लेखों के लिंक में भी बदलाव किया जाएगा। इनमें थंबनेल तस्वीरें जोड़ी जाएंगी और डिज़ाइन को ऐसा बनाया जाएगा कि उन पर क्लिक करना आसान हो। केवल टेक्स्ट वाले लिंक की तुलना में तस्वीरों वाले लिंक आसानी से नज़र में आते हैं—इसका अनुभव हमें न्यूज़ ऐप और सोशल मीडिया पर रोज़ होता है।
क्रिएटर के नाम से उसकी दुनिया तक
AI Mode में वीडियो परिणामों के लिए एक परीक्षण शुरू हुआ है। इसमें क्रिएटर या प्रकाशक के नाम पर क्लिक करने से उपयोगकर्ता उनकी सर्च प्रोफ़ाइल पर जा सकेंगे। प्रोफ़ाइल पर उनकी गतिविधियों के बारे में व्यापक जानकारी मिल सकेगी।
संदर्भित वीडियो देखकर आगे बढ़ जाने के बजाय, लोगों को उसके निर्माता में दिलचस्पी लेने का रास्ता देना। इसे केवल सामग्री पर नहीं, बल्कि उसे बनाने वाले व्यक्ति के साथ संबंध बनाने को प्रोत्साहित करने की कोशिश के रूप में देखा जा सकता है। वीडियो के माध्यम से काम करने वाले क्रिएटरों के लिए यह नए संपर्क का जरिया बन सकता है।
अगला सवाल: साइट पर आने वालों की संख्या और गुणवत्ता
इस अपडेट का मकसद AI के जवाबों से वेब पर मौजूद सामग्री तक पहुंचना आसान बनाना है। लिंक की जगह, आधिकारिक पेज दिखाने का तरीका, समाचारों तक पहुंच और क्रिएटरों की प्रोफ़ाइल तक जाने का रास्ता—ये बदलाव कई क्षेत्रों में किए जा रहे हैं।
AI सर्च से वेबसाइटों पर आने वाले लोगों की संख्या और व्यवहार में वास्तव में क्या बदलाव होगा, यह आगे पता चलेगा। आधिकारिक पेजों और क्रिएटरों की प्रोफ़ाइल तक पहुंचने की सुविधा अभी परीक्षण के चरण में है, जिससे पता चलता है कि Google प्रदर्शन के तरीकों को आज़माकर उनमें सुधार तलाश रहा है। वेबसाइट संचालकों के लिए यह देखना उपयोगी होगा कि उनके पेज जवाबों में कहां और किस रूप में दिखाई देते हैं।


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